विकसित भारत-2047 का आधार 'समृद्ध किसान': CM योगी ने दिया 'लैंड इज लैब' का मंत्र, सिंचाई के लिए बिजली बिल माफ

विकसित भारत-2047 का आधार 'समृद्ध किसान': CM योगी ने दिया 'लैंड इज लैब' का मंत्र, सिंचाई के लिए बिजली बिल माफ

CM Yogi Propounds the Mantra of Land is Lab

CM Yogi Propounds the Mantra of 'Land is Lab'

बीज से लेकर बाजार तक और वैल्यू एडिशन से जोड़ने तक के कार्यक्रम संचालित

किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के रूप में फसलों की लागत का डेढ़ गुना से अधिक मूल्य

लखनऊ। CM Yogi Propounds the Mantra of 'Land is Lab', मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ किया। इसका आयोजन उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद कर रहा है।

ट्रांसफार्मिंग एग्रीकल्चर फार विकसित कृषि-विकसित भारत-2047 विषय पर हो रहे इस आयोजन में उत्तर प्रदेश कृषि वैज्ञानिक सम्मान योजना वर्ष 2025-26 के तहत चयनित 15 वैज्ञानिकों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि हमारे पास अन्नदाता किसानों के लिए स्पष्ट नीति है। उत्तर प्रदेश में बीज से लेकर बाजार तक और वैल्यू एडिशन से जोड़ने तक के कार्यक्रम संचालित हैं। डबल इंजन सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के रूप में फसलों की लागत का डेढ़ गुना से अधिक मूल्य प्रदान रही है और उन्हें हर प्रकार का सहयोग भी प्रदान कर रही है।

खेतों को बनाएं नवाचार की प्रयोगशाला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समय आ गया है कि कृषि को प्रोडक्शन से प्रोडक्टिविटी, प्रोडक्टिविटी से प्राफिटेबिलिटी और प्राफिटेबिलिटी से प्रास्पेरिटी तक ले जाया जाए। विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी, जब किसान समृद्ध होगा। उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे लाभप्रद और टिकाऊ बनाना आवश्यक है। तीन दिवसीय इस आयोजन में कृषि के विभिन्न आयामों पर गंभीर विचार-विमर्श होगा। यह मंच केवल चर्चा का नहीं, बल्कि ठोस एक्शन प्लान तैयार करने का माध्यम बनना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा अब ‘लैब टू लैंड’ माडल नहीं, ‘लैंड इज लैब’ माडल पर काम हो। खेतों को ही प्रयोगशाला बनाना होगा, जहां किसान और वैज्ञानिक मिलकर नवाचार करें।

फसलों को जानवरों से बचाने के कारगर उपाय

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए सोलर फेंसिंग उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश सरकार ने 6,700 निराश्रित गौ-आश्रय स्थल बनाकर 16 लाख निराश्रित गौवंश को संरक्षित किया। सरकार लोगों को प्रत्येक निराश्रित गौवंश के भरण-पोषण के लिए प्रति माह 1,500 रुपये उपलब्ध करा रही है। उत्तर प्रदेश का यह मॉडल देश में लागू किया जा रहा है।

सिंचाई के लिए निःशुल्क बिजली 

उन्होंने कहा कि हमने दो वर्ष पहले प्रदेश के किसानों के बिजली से संचालित 16 लाख ट्यूबवेल्स के बिजली बिल को माफ किया। किसानों को सिंचाई के लिए निःशुल्क बिजली प्रदान की जा रही है। इसके लिए सरकार उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को 3000 रुपये करोड़ का भुगतान कर रही है। 23 लाख ट्यूबवेल्स को सोलर पैनल से जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

समय आ गया है लैब इन लैंड का

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि लैब से लैंड नहीं, बल्कि अब समय आ गया है लैब इन लैंड का। अब खेत ही प्रयोगशाला बनें। खेती की बात खेत पर हो। उन्होंने कहा कि देश की कुल कृषि योग्य भूमि में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी मात्र 11 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश इसी 11 प्रतिशत भूमि पर देश का 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है।  किसान गोष्ठी व प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर संचालित हैं।

नेक्स्ट जनरेशन फॉर्मिंग के माध्यम से संभव

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब हम उत्पादन को उत्पादकता में बदल सकते हैं और उत्पादकता को लाभप्रदता में परिवर्तित कर सकते हैं। इसी लाभप्रदता के माध्यम से समृद्धि यानी अन्नदाता किसान की आय वृद्धि के साथ उसे खुशहाली से जोड़ सकते हैं। यह सब टेक्नोलॉजी आधारित नेक्स्ट जनरेशन फॉर्मिंग के माध्यम से संभव है।

'अर्ली वार्निंग सिस्टम' के प्रभावी उपयोग से आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि को रोकने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। आधुनिक तकनीक इस दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। मीरजापुर और सोनभद्र जनपद में जन-सुरक्षा हेतु इसका व्यापक एवं प्रभावी उपयोग सफल साबित हुआ है।